
गांधीनगर। उच्च शिक्षण संस्थानों राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में बेहतरीन काम किया है। गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय ने भी एनईपी के बिंदुओं को प्रमुखता से विश्वविद्यालय में लागू करने में सफलता प्राप्त की है। शुक्रवार को ‘एनईपी 2020: स्कूल और उच्च शिक्षा’’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सेंटर फॉर स्टडीज एंड रिसर्च इन एजुकेशन, स्कूल ऑफ एजुकेशन की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी में वक्ता के तौर पर प्रो. टी एस जोशी, गिज्जूभाई बधेका चेयर, चिल्ड्रंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर और गुजरात उच्च शिक्षा के निदेशक आईएएस पी बी पांड्या शामिल हुए। इस मौके पर प्रो. जोशी ने कहा कि एनईपी 2020 में नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के जरिए बेहतर काम हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का ध्येय है कि शिक्षा में व्यक्ति का समग्र व्यक्तित्व का विकास समाहित होना चाहिए। इसमें छात्र को अकादमिक ज्ञान के साथ ही शारीरिक, मानसिक, नैतिक और व्यावहारिक ज्ञान की शिक्षा भी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने करिकुलम थीम आधारित ‘उम्बरी आंगनवाडी’ प्रोग्राम जैसा सेटकॉम प्रोग्राम तैयार किया है। इसके साथ ही आंगनवाडी गतिविधियों के लिए साप्ताहिक गतिविधियों का कैलेंडर बनाया है, इसके अलावा ‘निपुण भारत’ की गाइडलाइंस को भी गुजराती भाषा में अनुवाद किया है। कार्यक्रम में आए गुजरात शिक्षा के निदेशक आईएएस पी बी पांड्या ने गुजरात में उच्च शिक्षा में हुए कई सारे उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निर्देशों की अनुपालना के लिए एक रोडमेप भी डिजाइन किया था। सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटीज स्थापित करने पर भी काम कर रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमा शंकर दूबे ने कहा कि भारत में कई शिक्षा नीतियों को लागू किया गया है कि लेकिन एनईपी 2020 से ही भारत की ज्ञान पंरपरा को मुखर रूप मिला है। भारतीय परंपराओं को ध्यान में रखकर एनसीईआरटी ने करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार किया है। इस मौके पर उन्होंने गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर हुए अभूतपूर्व कार्यों की जानकारी दी और कहा कि हम निरंतर प्रयास कर रहे है कि शीघ्रता से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी बिंदुओं को आत्मसात कर लिया जाए, उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति के सभी वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। सेंटर के चेयरपर्सन प्रो. जे एन अमीन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बदलते शिक्षा परिवेश को बेहतर बनाने में कारगर साबित हो रही है। कार्यक्रम की कॉर्डिनेटर और सहायक आचार्या डॉ. वाई. विजयलक्ष्मी ने बताया कि एनईपी 2020 वर्तमान शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम में स्कूल और कॉलेज के 110 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
